चंडीगढ़ , सितंबर 12 -- पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) को कथित तौर पर आगे करने का आरोप लगाया है।

श्री वड़िंग ने आरोप लगाया कि जब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर गुलजार सिंह को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपों को लेकर दबाव बढ़ा, तब सरकार ने पंजाब के स्कूलों के तथाकथित निरीक्षण के लिए सीजेपी के कार्यकर्ताओं को आगे किया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था की चर्चा के जरिए गुलजार सिंह की मौत के मुद्दे को पीछे करना था। उन्होंने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था की तारीफ करने को लेकर भी सीजेपी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाये।

उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह के मामले में श्री चीमा को इस्तीफा देना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को दबने नहीं देगी।

उन्होंने राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि स्वीकृत 1,03,052 शिक्षक पदों में से 18,015 पद खाली हैं।राज्य के 1,927 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में से 1,113 में प्रधानाचार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों की कमी सरकारी स्कूलों के साथ-साथ 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' में भी है। इन स्कूलों में 140 से अधिक पद खाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' वास्तव में पहले से मौजूद मॉडल स्कूलों का ही नया नामकरण है।

श्री वड़िंग ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घटने का भी दावा किया और कहा कि सरकारी स्कूलों में करीब 1.54 लाख विद्यार्थियों की कमी आयी, जबकि निजी स्कूलों में लगभग 82 हजार विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने इसे अभिभावकों के सरकारी स्कूलों के प्रति घटते भरोसे का संकेत बताया। उन्होंने 2025 में हुई सत्यापन मुहिम का हवाला देते हुए करीब 70 हजार फर्जी विद्यार्थी प्रविष्टियां मिलने का दावा किया और आरोप लगाया कि इनके जरिए मध्याह्न भोजन तथा छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के लिए निर्धारित धन का कथित दुरुपयोग किया जा रहा था। कई सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की कमी अब भी बनी हुई है।

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