श्रीनगर , सितंबर 19 -- जम्मू कश्मीर में बांदीपोरा जिले की गुरेज घाटी में प्रस्तावित 'तंत्र साइलेंस' रिट्रीट के विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है तथा पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारूक ने अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर में गुरेज घाटी में 24 से 27 सितंबर तक चार दिवसीय 'तंत्र इन साइलेंस - ए जर्नी विदिन' ध्यान रिट्रीट का विज्ञापन दिया गया है। पोस्टर में स्वामी ध्यान सुमित को इस कार्यक्रम के आयोजक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। पोस्टर में साउंड हीलिंग, ध्यान, प्रेम , जागरूकता, सचेत जीवन और आंतरिक परिवर्तन जैसी गतिविधियों की सूची दी गयी है तथा सफेद और मैरून रंग के वस्त्र पहनना अनिवार्य बताया गया है।

सुश्री मुफ्ती ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में इस कार्यक्रम के प्रचार-पोस्टर का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री रजनीश फाउंडेशन से जुड़े स्वामी ध्यान सुमित ने पिछले वर्ष गोवा में भी ऐसा ही एक 'तंत्र' कार्यक्रम आयोजित किया था। प्रचार सामग्री पर विवाद होने के बाद हालांकि उसे रद्द कर दिया गया था।

श्रीमती मुफ्ती ने कहा, "गुरेज आध्यात्मिकता या पर्यटन के नाम पर प्रयोगों के खेल का मैदान नहीं है।" इसके साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर पुलिस से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।

उन्होंने मीरवाइज उमर फारूक और ग्रैंड मुफ्ती से भी इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने की अपील की।

सुश्रीमुफ्ती की पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मीरवाइज ने कहा, "प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर उठायी गयी चिंताओं पर तुरंत ध्यान दिये जाने की जरूरत है।" उन्होंने आरोप लगाया कि गोवा में इसी तरह के एक आयोजन को लेकर हुए विवाद को देखते हुए गुरेज में ऐसे कार्यक्रम की अनुमति देना विशेष रूप से चिंताजनक है।

मीरवाइज ने कहा, "कश्मीर सूफियों और संतों की भूमि है। यहां आध्यात्मिकता का अनुभव किया जाता है, कीमत वसूलकर इसका विपणन नहीं किया जाता।" उन्होंने कहा कि उनकी राय में पर्यटन को बढ़ावा देना क्षेत्र के 'धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों' की कीमत पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सहित प्रशासन से इस मामले पर संज्ञान लेने का आग्रह किया।

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