चंडीगढ़ , अक्टूबर 22 -- हरियाणा सरकार स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा, कैलाश मानसरोवर यात्रा और सिंधु दर्शन यात्रा के लिए आर्थिक सहायता पाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या दोगुनी करेगी। अब प्रत्येक यात्रा के लिए प्रतिवर्ष 50 के बजाय 100 श्रद्धालुओं को सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को हरियाणा विजन-2047 के तहत पर्यटन विभाग की पांच वर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों यात्राओं के लिए श्रद्धालुओं का पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाए। पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही आर्थिक सहायता का लाभ मिलेगा। वर्तमान में गुरु दर्शन यात्रा और सिंधु दर्शन यात्रा के लिए प्रति श्रद्धालु 20 हजार रुपये तथा कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कृषि-पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण साइटों का पुनरुद्धार करने तथा जरूरत के अनुसार कुछ स्थलों को निजी कंपनियों के सहयोग से विकसित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पंजीकृत 38 फार्म स्टे और 11 होमस्टे की संख्या बढ़ाकर 100 करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण जीवन, स्थानीय खानपान और पारंपरिक अनुभवों को पर्यटन से जोड़ने तथा पर्यटन इकाइयों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की योजना बनाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के 'वेड इन इंडिया' विजन के तहत पिंजौर में वेडिंग सिटी स्थापित करने, यमुनानगर में सूर्य मंदिर का जीर्णोद्धार करने, फरीदाबाद में गोल्फ कोर्स विकसित करने और वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
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