रायपुर , मई 30 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सिखों के पांचवें गुरु और प्रथम शहीद गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस पर शनिवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान सत्य, सेवा, करुणा और मानवता की रक्षा का अमर संदेश देता है।

श्री साय राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित गुरुद्वारा परिसर में छत्तीसगढ़ सिख समाज द्वारा आयोजित विशाल छबील सेवा एवं छायाचित्र प्रदर्शनी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राहगीरों को शरबत और प्रसाद वितरित कर सेवा परंपरा में सहभागिता निभाई। सिख समाज की ओर से उनका पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने गुरु अर्जुन देव के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में उनके जीवन के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रसंगों, हरमंदिर साहिब के निर्माण, आदि ग्रंथ साहिब के संकलन, तत्कालीन सत्ता से वैचारिक संघर्ष तथा शहादत तक की यात्रा को प्रदर्शित किया गया था।

इस अवसर पर श्री साय ने कहा कि गुरु अर्जुन देव त्याग, तपस्या, सत्य और मानव कल्याण के प्रतीक थे। उन्होंने अन्याय और अत्याचार के सामने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। कठिन यातनाओं के बावजूद उनका धैर्य, साहस और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने कहा कि छबील सेवा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सेवा, करुणा, भाईचारे और मानवता की जीवंत अभिव्यक्ति है। गर्मी के मौसम में राहगीरों को शीतल शरबत पिलाने की यह परंपरा निस्वार्थ सेवा और परोपकार का उत्कृष्ट उदाहरण है।

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