गिरिडीह , अगस्त 04 -- झारखंड के गिरिडीह जिले में शहर के बस स्टैंड के समीप पद्म विभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पद्म विभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन चौक का नामकरण किया गया।
मौके पर सूबे के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने गुरुजी के चित्र का अनावरण कर उन्हें भावभिनी श्रद्धांजली अर्पित की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने भावुक होते हुए गुरुजी के संघर्षपूर्ण जीवन और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि एक साल पहले आज के ही दिन गुरुजी हमसभी को छोड़कर चले गए।
श्री कुमार ने कहा कि गुरुजी एक चुम्बकिय व्यक्तित्व थे उन्होंने जिनके कंधे पर हाथ रखा उन्हें भी निखार दिया। वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने आंदोलनों की एक लंबी श्रृंखला बनाई पर उन्होंने कभी अहिंसा का दामन कभी नही छोड़ा। उन्होंने कभी भी हिंसा का सहारा नही लिया। कहा कि उन्होंने एक लंबा समय दिशोम गुरुजी के साथ गुजारा है। उनका कार्यकर्ताओं के साथ व्यक्तिगत लगाव रहा है। आज उनके नहीं रहने की कमी हमेशा खलती है। कहा अब भी दिल मानने को तैयार नही की गुरुजी हमलोगों के बीच नही हैइस मौके पर झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला समिति द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष संजय सिंह, महापौर प्रमिला मेहरा, उपमहापौर सुमित कुमार, पूर्व विधायक केदार हाजरा सहित अन्य अतिथियों ने भी महाजनी प्रथा के खिलाफ दिशोम गुरु शिबू सोरेन द्वारा चलाए गए आंदोलनों को याद किया।
आयोजकों ने बताया कि कुछ दिनों के भीतर गुरुजी की आदमकद प्रतिमा स्थापित कर दी जाएगी, जिसके बाद यह स्थल आधिकारिक रूप से पद्म विभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन चौक के नाम से जाना जाएगा।
इधर गुरुजी शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि के मौके पर झामुमो की ओर से झंडा मैदान में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर एवं फुटबॉल को किक मारकर किया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि गुरुजी ने झारखंड की पहचान और यहां के लोगों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर युवाओं को समाज और राज्य के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित