चंडीगढ़ , जुलाई 09 -- हरियाणा में गुरुग्राम और नूंह की बिजली वितरण व्यवस्था निजी कंपनी को सौंपने के प्रस्ताव पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। समिति 13 जुलाई से काम शुरू करेगी और 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपेगी, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
आयोग ने गुरुवार को अंतरिम आदेश जारी करते हुए बताया कि 8 जुलाई को हुई जनसुनवाई में निजी कंपनी, बिजली निगमों, कर्मचारी संगठनों, किसान संगठनों, उपभोक्ता प्रतिनिधियों और अन्य पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रखा गया था।
समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी आलोक निगम करेंगे। उनके साथ बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञ ई. रविंदर कुमार शर्मा और वित्त विशेषज्ञ बिभू प्रसाद महापात्र सदस्य होंगे। समिति बिजली क्षेत्र पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभाव, उपभोक्ता हित, वित्तीय, तकनीकी और कानूनी पहलुओं की स्वतंत्र समीक्षा करेगी।
समिति यह भी जांच करेगी कि एलवन पावर प्राइवेट लिमिटेड बिजली अधिनियम-2003 और एचईआरसी के नियमों के तहत समानांतर वितरण लाइसेंस पाने की पात्रता रखती है या नहीं। इसके अलावा कंपनी की वित्तीय क्षमता, तकनीकी तैयारी, निवेश योजना, टैरिफ, क्रॉस-सब्सिडी, बिजली आपूर्ति व्यवस्था और सार्वजनिक हित जैसे पहलुओं का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
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