देहरादून , सितम्बर 17 -- उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने गुरुवार को लोक भवन से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के ऑल-वुमन माउंट श्रीकंठ अभियान -2026 को हरी झंडी दिखाई। यह अभियान गुरुवार से शुरू होकर तीन से छह अक्टूबर तक पर्वतारोहण करेगा।

राज्यपाल ने अभियान दल में शामिल महिला पर्वतारोहियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 6,133 मीटर ऊंचा माउंट श्रीकंठ बेहद चुनौतीपूर्ण पर्वत है और इस चुनौतीपूर्ण अभियान के लिए पूरी तरह महिला पर्वतारोहियों के दल का आगे बढ़ना देश की नारी शक्ति और महिला सशक्तीकरण का प्रेरणादायी संदेश है। उन्होंने कहा कि आज का दिन इसलिए भी विशेष है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म दिवस है। नए भारत की सोच, ऊर्जा और संकल्प के साथ यह अभियान भी साहस, अनुशासन, महिला शक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना को आगे बढ़ाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा कि आज अभियान दल की महिला पर्वतारोहियों से मिलकर उन्हें गर्व की अनुभूति हुई। उन्होंने कहा कि भारतीय महिलाएं हर चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। अभियान दल को विभिन्न स्तरों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और पूरे अभियान की तैयारी व्यवस्थित एवं पेशेवर तरीके से की गई है। उन्होंने एसएसबी के महानिदेशक, अधिकारियों, प्रशिक्षकों और पूरी टीम को इस अभिनव पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि माउंट श्रीकंठ की चढ़ाई अत्यधिक ऊंचाई, बदलते मौसम और दुर्गम परिस्थितियों के कारण चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में प्रशिक्षण, अनुशासन, टीम भावना और सही निर्णय लेने की क्षमता अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहण में शिखर तक पहुंचना उपलब्धि है, लेकिन पूरी टीम के साथ सुरक्षित लौटना उससे भी बड़ी सफलता है। उन्होंने अभियान दल को पर्वत और परिस्थितियों का सम्मान करते हुए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सलाह दी।

इस अवसर पर एसएसबी के महानिदेशक संजय सिंघल, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, गढ़वाल आयुक्त आनन्द स्वरुप, महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) संजीव शर्मा सहित एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक एवं अभियान दल के सदस्य मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि अभियान में कुल 10 सदस्य शामिल हैं। इनमें बेसिक एवं एडवांस्ड माउंटेनियरिंग कोर्स से प्रमाणित सात महिला पर्वतारोही तथा सशस्त्र सीमा बल के काउंटर इंसर्जेंसी एंड जंगल वारफेयर स्कूल, ग्वालदम के तीन अनुभवी सपोर्ट पर्वतारोही शामिल हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित