नयी दिल्ली , जुलाई 9 -- भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) और राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एनएसआईसी) ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धात्मकता और बाजार पहुंच को मजबूत करने के उद्देश्य से गुरुवार को यह एक सहयोग प्रणाली स्थापित करने का समझौता किया।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार यह साझेदारी क्यूसीआई की गुणवत्ता, प्रत्यायन और प्रमाणन में विशेषज्ञता को एनएसआईसी के व्यापक एमएसएमई सहायता तंत्र के साथ जोड़ने के लिए है। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त गुणवत्ता मानकों को अपनाने में तेजी लाना और भारतीय उद्यमों के विकास को बढ़ावा देना है।

इससे इकाइयों को शून्य दोष शून्य प्रभाव (जैडईडी) प्रमाणन को व्यापक रूप से अपनाने में सुविधा होगी, डिजिटल बाजार तक पहुंच में सुधार होगा, परीक्षण और मान्यता बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और एमएसएमई तथा प्रशिक्षण संस्थानों के लिए क्षमता निर्माण के अवसरों का विस्तार होगा।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस साझेदारी के तहत, जैडईडी प्रमाणित एमएसएमई को एमएसएमई ग्लोबल मार्ट के माध्यम से डिजिटल वाणिज्य के बेहतर अवसर मिलेंगे।

समझौता नई दिल्ली के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में क्यूसीआई कार्यालय में किया गया। इस अवसर पर एनएसआईसी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक डॉ. सुभ्रांशु शेखर आचार्य, क्यूसीआई के वरिष्ठ निदेशक और उद्योग उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय प्रभाग (एनडीआईई) के प्रमुख डॉ. ए. राज, राष्ट्रीय परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. रामानंद एन. शुक्ला, राष्ट्रीय शिक्षा और प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीटी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. वरिंदर एस. कंवर और दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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