पटना , जुलाई 05 -- बिहार के पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से दिए गए निर्देशों को पंचायती राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया है। मंत्री श्री प्रकाश ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि विकास योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्धता, सतत निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देश राज्य की त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद जैसी स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की प्रभावी भूमिका तभी सुनिश्चित होगी, जब योजनाओं का क्रियान्वयन परिणामोन्मुखी, पारदर्शी और जनहित केंद्रित हो।
श्री प्रकाश ने कहा कि पंचायत सरकार भवनों के निर्माण एवं उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा ग्रामीण प्रशासन को अधिक व्यवस्थित, सुगम और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवन ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक सेवाओं, जनसुविधाओं और स्थानीय विकास गतिविधियों के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। इनसे ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौधरी द्वारा राज्य के आकांक्षी जिलों के साथ-साथ सभी जिलों के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए स्थानीय आवश्यकताओं, संसाधनों और संभावनाओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश स्वागतयोग्य है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले और प्रखंड के लिए दीर्घकालिक एवं परिणामोन्मुखी विकास कार्ययोजना तैयार होने से पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका और अधिक स्पष्ट, सक्रिय तथा प्रभावी होगी।उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे और उनके परिणाम आमजन के जीवन में दिखाई दें।
श्री प्रकाश ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौधरी की सोच योजनाओं को केवल स्वीकृति या निर्माण तक सीमित न रखकर उन्हें जनजीवन में ठोस परिवर्तन का माध्यम बनाने की है। इस उद्देश्य की प्राप्ति में पंचायती राज संस्थाएं सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
मंत्री श्री प्रकाश ने कहा कि मौसम संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं और पूर्वानुमान प्रतिदिन सांसदगण, विधायकगण, जिला परिषद अध्यक्ष, मुखियागण, जिला पदाधिकारियों, उप विकास आयुक्तों तथा अन्य संबंधित पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाने का निर्देश ग्रामीण समाज के लिए अत्यंत उपयोगी है।उन्होंने कहा कि पंचायत जनप्रतिनिधियों तक समय पर सूचना उपलब्ध होने से ग्राम पंचायत स्तर पर आवश्यक तैयारी, स्थानीय सतर्कता और जनहित से जुड़े निर्णयों में सहायता मिलेगी।उन्होंने कहा कि मैसेज, व्हाट्सऐप सहित उपयुक्त डिजिटल माध्यमों से सूचना प्रसारण व्यवस्था विकसित करने का निर्देश पारदर्शी, उत्तरदायी और त्वरित शासन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक तंत्र के बीच समन्वय मजबूत होगा तथा पंचायत स्तर पर आपदा पूर्व तैयारी, कृषि संबंधी सतर्कता और जनसुरक्षा से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी।
श्री प्रकाश ने कहा कि विकसित बिहार की इस परिकल्पना में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि ग्रामीण विकास, स्थानीय सहभागिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आधार पंचायत स्तर पर ही सुदृढ़ होता है। उन्होंने कहा कि दीपक पंचायती राज विभाग मुख्यमंत्री श्री चौधरी के निर्देशों के अनुरूप पंचायतों को अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और विकासोन्मुख बनाने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से ही विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सकता है।
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