गांधीनगर , फरवरी 24 -- गुजरात शहरी आजीविका मिशन अंतर्गत 152 नगर पालिका क्षेत्रों में स्वदेशी मेले आयोजित किए जाएंगे।

सूत्रों ने बुधवार को बताया कि 'गुजरात आत्मनिर्भर यात्रा', 'जी-मैत्री योजना', 'महिला उद्योग सहायता योजना' जैसे कार्यक्रमों द्वारा राज्य में स्वदेशी उत्पादोंको नयी ऊर्जा मिल रही है। इसके अतिरिक्त, शहरी विकास एवं शहरी गृह निर्माण विभाग अंतर्गत गुजरात शहरी आजीविका मिशन द्वारा स्वदेशी मेलों (शॉपिंग फेस्टिवल) का राज्यव्यापी आयोजन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से स्थानीय कारीगरों, स्वयंसहायता समूहों तथा छोटे व्यापारियों को एकमजबूत प्लेटफॉर्म मिल रहा है।

गत वर्ष दशहरा से दीपावली के दौरान राज्य के 16 शहरों में प्लास्टिक फ्री 'स्वदेशी फेस्टिवल' का सफल आयोजन किया गया था। इन मेलों में 40.50 लाख से अधिक लोग आये थे और 10 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हुई थी। इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए अब राज्य के सभी नगर पालिका क्षेत्रों में स्वदेशी मेलों (शॉपिंग फेस्टिवल) का आयोजन किया गया है, जिनके द्वारा स्वयंसहायता समूहों (एसएचजी), स्थानीय कारीगरों, कलाकारों तथा छोटे व्यापारियों को अपने स्वदेशी उत्पाद प्रदर्शित करने और बेचने का उत्तम अवसर मिलेगा।

राज्य के सभी 152 नगर पालिका क्षेत्रों में स्वदेशी मेलों का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन के तहत 1500 से अधिक स्टॉल स्वयं सहायता समूहों को आवंटित किये गये हैं, जबकि स्ट्रीट वेंडर्स को 1400 से अधिक स्टॉल दिये गये हैं। खान-पान के 1500 स्टॉल तैयार किए जा रहे हैं और अन्य कारीगरों को अपने स्वदेशी उत्पादों की बिक्री करने के लिए 1650 से अधिक स्टॉल आवंटित किये गये हैं।

राज्य में अब तक 38 नगर पालिका क्षेत्रों में स्वदेशी मेले शुरू किये गये हैं, जिनमें अहमदाबाद, भावनगर, गांधीनगर, राजकोट, सूरत तथा वडोदरा अंचलों के विभिन्न नगर पालिका क्षेत्र शामिल हैं। इस दौरान एक लाख से अधिक लोग स्वदेशी मेलों में पहुंचे और 83 लाख रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री हुई है। यह सफलता दर्शाती है कि नागरिक 'वोकल फॉर लोकल' पहल के साथ उत्साहपूर्वक जुड़ रहे हैं। स्वदेशी मेले केवल व्यापार के लिए प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए उल्लेखनीय प्रयास हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दृढ़तापूर्वक मानते हैं कि स्वदेशी तथा आत्मनिर्भर भारत विकसित भारत के निर्माण का राजमार्ग है। इसका अनुकरण करते हुए गुजरात सरकार इसके लिए निरंतर प्रयास कर रही है कि आगामी समय में देश का प्रत्येक नागरिक 'वोकल फॉर लोकल' का वाहक बने और स्वदेशी के मंत्र का अनुकरण करे।

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