हल्द्वानी , अक्टूबर 22 -- उत्तराखंड के नैनीताल में गुंडा अधिनियम में जिला बदर आरोपी कुछ दिन बाद ही नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
जिलाधिकारी नैनीताल के आदेश पर आरोपी को 16 अक्टूबर को तीन माह के लिए जनपद की सीमा से बाहर किया गया था। आदेश के पांच दिन बाद ही वह नैनीताल जनपद लौट आया। बनभूलपुरा पुलिस ने उसे 20 नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह फर्त्याल के नेतृत्व में पुलिस टीम गौला पार्किंग में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गफूर बस्ती (वार्ड-24), बनभूलपुरा निवासी वसीम उर्फ चिंगाडू (43) को पकड़ा गया। उसके पास से 10 बुप्रेनॉर्फिन हाइड्रोक्लोराइड (2 एमएल) और 10 अविल (फेनिरामाइन मेलिएट, 10 एमएल) इंजेक्शन बरामद हुए।
पुलिस ने उसके खिलाफ मादक द्रव्य अधिनियम (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 8/22 और उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3/10 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ कुल तीन मामले दर्ज बताए गए हैं, जिनमें दो एनडीपीएस एक्ट और एक गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत हैं।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देश पर जिले में चल रहे नशा विरोधी अभियान का हिस्सा है। गिरफ्तार करने वाली टीम में उप निरीक्षक मनोज कुमार यादव, कांस्टेबल सुनील कुमार और कांस्टेबल दिलशाद अहमद शामिल रहे।
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