नयी दिल्ली , जुलाई 10 -- सरकार ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) गिफ्ट सिटी, जहां बैंकिंग, बीमा, निवेश और जहाज लीजिंग जैसी वैश्विक वित्तीय सेवाएं संचालित होती हैं, की इकाइयों को विदेशी जहाज किराये पर लेने के लिए लाइसेंस लेने की अनिवार्यता से छूट दे दी है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को बताया कि तटीय जहाज़रानी अधिनियम, 2025 के तहत आयात-निर्यात और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संचालन के लिए विदेशी जहाज किराये पर लेने वाली पात्र आईएफएससी इकाइयों को अब जहाज़रानी महानिदेशक (डीजी शिपिंग) से लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि इस कदम से समुद्री लीजिंग और जहाज वित्तपोषण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। समुद्री क्षेत्र में यह सुधार भारत के समुद्री क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने, समुद्री निवेश आकर्षित करने और गिफ्ट सिटी को वैश्विक समुद्री सेवा एवं वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
इस बीच मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह छूट केवल लाइसेंस संबंधी प्रावधान तक सीमित है। तटीय व्यापार को नियंत्रित करने वाली मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गयी है।
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