, Oct. 24 -- जयपुर, 24 अक्टूबर (वताार्) राजस्थान में गिद्धों एवं अन्य शिकारी पक्षियों के संरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए वन विभाग एवं भारतीय वन्यजीव संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को 'प्रोजेक्ट रैप्टर' पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

राजस्थान वन विभाग की मेजबानी में आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ वन अधिकारियों, वन्यजीव विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं एवं संरक्षण संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान परियोजना के उद्देश्यों, प्रस्तावित गतिविधियों और राज्य में शिकारी पक्षियों के संरक्षण की प्रमुख प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में पक्षियों की आबादी का व्यवस्थित आकलन, उनके आवागमन, आवास उपयोग तथा विभिन्न आबादियों के बीच संपर्क का अध्ययन करने की आवश्यकता रेखांकित की गई। इन अध्ययनों को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर प्रभावी संरक्षण योजनाएं तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि डॉ. क्रिस बोडेन ने गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता साझा की। उन्होंने गिद्धों की आबादी के समक्ष मौजूद खतरों की पहचान, नियमित निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर लक्षित संरक्षण उपाय विकसित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति के सदस्य राजपाल सिंह ने भी सहभागिता की। चर्चा में संरक्षण संबंधी चुनौतियों के समाधान तथा वन विभाग, अनुसंधान संस्थानों और संरक्षण संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विचार-विमर्श किया गया।

प्रोजेक्ट रैप्टर के माध्यम से राजस्थान में गिद्धों एवं अन्य शिकारी पक्षियों की स्थिति, वितरण, आवागमन के स्वरूप, आबादियों के बीच संपर्क तथा उनके समक्ष मौजूद प्रमुख चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिलने की उम्मीद है। परियोजना के तहत खतरों की पहचान करने और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों एवं हितधारकों के बीच सहयोग को मजबूत बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

वैज्ञानिक अनुसंधान, मैदानी स्तर पर नियमित निगरानी और विभागीय समन्वय को एकीकृत कर संरक्षण के प्रभावी उपाय विकसित किये जाने की जरुरत बताई गई। यह संयुक्त पहल साक्ष्य-आधारित प्रबंधन निर्णयों को बढ़ावा देने के साथ राजस्थान में पारिस्थितिकीय संतुलन के लिए महत्वपूर्ण इन पक्षी प्रजातियों के दीर्घकालीन संरक्षण में सहायक होगी।

कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरिजीत बनर्जी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के.सी.ए. अरुण प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) पवन कुमार उपाध्याय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (योजना) अनुराग भारद्वाज तथा अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक राजेश गुप्ता सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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