गाजीपुर , फरवरी 14 -- उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में कोतवाली पुलिस ने युवक की हत्या कर शव गंगा नदी में फेंकने के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, धर्मदेव सिंह यादव ने कोतवाली थाने में अपने पुत्र मनोहर सिंह यादव (34) के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान एसडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद से गंगा नदी से मनोहर का शव बरामद किया गया। शिनाख्त के बाद पुलिस ने मेदनीपुर, थाना सुहवल निवासी दीपा सिंह और उसके भाई परीक्षित सिंह को नामजद कर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में परीक्षित ने बताया कि मनोहर उसकी बहन दीपा का कॉलेज का सहपाठी और मित्र था। दीपा वर्तमान में मऊ में स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में कार्यरत है। आरोप है कि मनोहर ने एक वर्ष पूर्व दीपा से 2.5 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसके लिए उसने अपनी एफडी तुड़वाई थी। रकम वापस न करने और कथित रूप से प्रताड़ित करने को लेकर विवाद बढ़ता गया।
पुलिस के मुताबिक, नौ फरवरी को मनोहर दीपा से मिलने आया। गंगा नदी पुल के नीचे सुहवल क्षेत्र में दोनों भाई-बहन ने उससे पैसों को लेकर बातचीत की, जहां विवाद बढ़ने पर कथित रूप से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को गंगा नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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