भोपाल, मई 11 -- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन -ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) अधिनियम ग्रामीण गरीब, श्रमिक परिवारों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और किसानों के जीवन में नयी आशा, अधिक आय सुरक्षा और गांवों में बड़े पैमाने पर टिकाऊ विकास के कामों को बढ़ावा देगा।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने (वीबी-जीरामजी) कानून के क्रियान्वयन की अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी। इसके अनुसार इस कानून को आगामी एक जुलाई से लागू किया जाएगा।

श्री चौहान ने यहां संवाददाताओ से कहा कि इस कानून के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार चाहने वाले मजदूरों को साल में 100 नहीं, 125 दिन का रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब तक यह कानून लागू नहीं होता (एक जुलाई तक) तब तक मनरेगा के सारे प्रावधान लागू रहेंगे और अधूरे काम एक जुलाई के पहले तक मनरेगा के तहत ही पूरे किए जाएंगे।

केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए बजट में 95,000 करोड़ रु. से अधिक की राशि का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि राज्यों ने भी अपने-अपने बजट में इसे लागू करने के लिए प्रावधान किया है और केंद्र व राज्यों की कुल राशि 1,51,000 करोड़ रु. से अधिक होगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित