हमीरपुर , अगस्त 23 -- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार गांवों में ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन नियम पूरी तरह लागू करने की तैयारी कर ली गयी है। अब गांवों में स्वच्छता सेवा के बदले हर घर व दुकानों से प्रतिमाह शुल्क लेने के साथ साथ खुले में कचरा फेकने पर ढाई सौ से एक हजार रुपये तक जुर्माना भी वसूल किया जायेगा। इसके लिये सात सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया हैजिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) सुवोध जोशी ने रविवार को बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश से पंचायती राज अधिनियम में ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन नियम 2026 पूरी तरह लागू कर दिया गया है, गांवो में हर घर दुकान में चार डस्टबिन रखे जायेंगे जिसमे अलग अगल ढंग से कूडा डाला जायेगा। घरेलू खतरनाक एवं अवशेष कचरा सप्ताह में दो बार एकत्र किया जायेगा।
गांवों में निष्क्रिय पडे आरआरसी का पूरी तरह संचालन किया जायेगा। संचालन के लिये एक आरआरसी केयर टेकर एवं एक सरकारी सफाई कर्मी की डियूटी लगायी गयी है। आरआरसी केयर टेकर को हर माह पांच हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जायेगा। तीन माह बाद केयर टेकर के मानदेय पर फिर से विचार किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि स्वच्छता सेवा के बदले आवासीय घर से तीस रुपये से लेकर पचास रुपये तक शुल्क लिया जायेगा। दुकान के अनुसार पचास रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक प्रतिमाह शुल्क लिया जायेगा।
नये नियम में साफ कहा गया है कि गांवों में खुले में कचरा डालने पर ढाई सौ से लेकर एक हजार रुपये तक जुर्माना वसूल किया जायेगा। जो कूडा गांवों से एकत्र किया जायेगा उसे एमआरएफ सेंटर भेजा जायेगा ताकि उसे रिसाइकिल किया जाये सके।
डीपीआरओ ने कहा है कि गांवों में रिक्शे पहले से खरीद लिये गये थे जहां नही है वहां पर खरीदे जायेगे। उनका कहना है कि यदि किसी ग्रामीण को वसूली की धनराशि ज्यादा प्रतीत होती है तो वह तीस दिन के अंदर अपील कर सकता है।
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