जयपुर , अक्टूबर 14 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा है कि उनकी कुर्सी की चाह, छटपटाहट और खीझ बयानों में स्पष्ट झलक रही है वहीं पहले वह स्पष्ट कर लें कि क्या वो सचिन पायलट के साथ है या आज भी उनको वहीं नाकारा, निकम्मा मानकर दोयम दर्जे का व्यवहार कर रहे है।
श्री राठौड़ ने बुधवार को अपने बयान में यह बात कही। उन्होंने कहा कि परिसीमन के नाम पर अनर्गल बयान कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूल जाते है कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए नगर निकायों का किस तरह परिसीमन करवाया था। शहरों में दो दो नगर निगम बना दिये गये थे, ताकि भाजपा की जीत नहीं हो पाये। उन्होंने समुदाय विशेष के वार्डों की संख्या बढाने का और भाजपा के परम्परागत वार्डो की संख्या सीमित करने का काम किया था वहीं उनको अब याद आ रहा है।
उन्होंने कहा कि बार बार श्री गहलोत राजस्थान में अपने खिलाफ अपनों के द्वारा किये गये विद्रोह को लेकर भाजपा पर सवाल उठाते है और जिन लोगों ने विद्रोह किया उनके साथ कभी मोटरसाइकिल पर तो कभी आलाकमान के सामने फोटो खिंचवाकर संदेश दे रहे थे कि हम सब एक है लेकिन पहले श्री गहलोत स्पष्ट कर लें कि क्या वो सचिन के साथ है या आज भी वहीं वहीं मानते हैं जो पहले कहा था।
श्री राठौड़ ने कहा कि श्री गहलोत महिला आरक्षण और परिसीमन से लोकसभा एवं विधानसभा की सीट बढ़ने पर जिस तरह के बयान दे रहे है, उससे लगता है कि उनके पास आधी अधूरी जानकारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आप महिला आरक्षण के विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करवा दीजिए और इसका श्रेय भी आप ही रख लीजिए, लेकिन देश की आधी आबादी को अधिकार देने में बाधा मत बनिए, लेकिन उस समय गहलोत के आलाकमान और श्री राहुल गांधी ने महिला आरक्षण के माध्यम से महिलाओं को न्याय दिलाने में रोडा बन गये थे।
उन्होंने कहा कि श्री गहलोत चीन का उदाहरण देते है, लेकिन वो बताये कि चीन से कांग्रेस का अधिकृत रूप से क्या समझौता है, जिस पर साइन हुए थे। चीन के साथ तो कांग्रेस का अधिकृत समझौता है, जो आज तक देश की जनता को नहीं बताया गया। आखिर ऐसा क्या है जिसे छिपाया जा रहा है।
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