जयपुर , अक्टूबर 10 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा दिल्ली में चल रहे आंदोलन को लेकर विपक्षी दलों पर की गयी बयानबाजी की कड़ी निंदा की है।

श्री गहलोत ने शनिवार को यहां अपने बयान में कहा कि भाजपा अध्यक्ष द्वारा विपक्ष के विदेशी ताकतों से मिले होने का आरोप लगाना तथा आंदोलनकारियों से सख्ती से निपटने की धमकी देना बेहद निंदनीय है। किसी राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि श्री नवीन जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें सरकार की ओर से इस तरह बोलने का संकेत मिला है। भाजपा अध्यक्ष ने विपक्ष पर विदेशी ताकतों से जुड़े होने, अराजकता फैलाने और आंदोलन से निपटने के लिए शक्ति का इस्तेमाल करने जैसी बातें कही हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस विचारधारा के लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग नहीं लिया, जेलों में जाकर संघर्ष नहीं किया और देश की आजादी के आंदोलन में अपना योगदान नहीं दिया, वे आज उन राजनीतिक दलों और नेताओं पर विदेशी ताकतों के साथ होने के आरोप लगा रहे हैं, जिन्होंने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया।

श्री गहलोत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कार्यक्रमों में युवाओं की बढ़ती भागीदारी से भाजपा घबराई हुई है। युवा पीढ़ी अपने सवालों और मुद्दों को लेकर जागरूक हो रही है तथा सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रही है। ऐसे में आंदोलन को नियंत्रित करने के नाम पर रेलगाड़ियां रद्द करना और करीब 57 मेट्रो सेवाओं को बंद करना आम जनता के लिए परेशानी का कारण बना है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर रेलगाड़ियां और मेट्रो सेवाएं कब तक बंद रखी जायेंगी। यदि आंदोलन लंबा चलता है तो क्या सरकार पूरे देश की परिवहन व्यवस्था को इसी तरह प्रभावित करती रहेगी।

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