जयपुर , सितंबर 23 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ अरुण चतुर्वेदी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उनके बयान को खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे और सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज की कहावत को चरितार्थ करने वाला बताया है।

डाॅ चतुर्वेदी ने बुधवार शाम यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस का इतिहास सत्ता बचाने के लिए सत्ता के इस्तेमाल से भरा पड़ा है। साल 1967 से 71 के कालखंड में 1800 से अधिक विधायकों की खरीद फरोख्त हुई, 28 बार अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल हुआ, 45 सरकारें बर्खास्त की गई। उन्होंने कहा कि अगर अनुच्छेद 356 के इस्तेमाल के आंकडों को सरसरी तौर पर भी कोई देख ले तो कांग्रेस के काले कारनामे उजागर हो जाए।

उन्होंने कहा कि गहलोत जी को आजकल दिल्ली में सुनना बंद कर दिया गया है इसलिए वह यहाँ अनर्गल बयान देते रहते है, उन्हें अब आत्मावलोकन करना चाहिए अगर वह कांग्रेस नेताओं के साथ नहीं बैठ सकते हैं तो फोन पर बात कर ले।

उन्होंने कहा कि खरीद फरोख्त कांग्रेस का पसंदीदा विषय रहा है और सत्ता पाने के लिए किसी भी हद तक जाने की उसकी नीति भी रही है पिछले निकाय चुनाव में अलवर में जिस प्रकार से भाजपा के प्रशिक्षण शिविर में 200 ढाई सौ की भीड़ में घुसकर भाजपा के पार्षदों को उठाकर ले गए और उस समय पुलिस मूक दर्शक बनी हुई थी, खुद की सरकार बचाने के लिए गहलोत जी द्वारा फोन टेप के आरोप सभी जानते है।

उन्होंने कहा कि हाल में सम्पन्न निकाय चुनाव में केकड़ी नगर परिषद् के कांग्रेस प्रत्याशी अनिल मित्तल फोन पर पार्षद को 51 लाख का ऑफर देते सबने सुना ही है, यही कांग्रेस का असली चेहरा है। जिसे पहले जनता ने नकारा, फिर पार्षदों ने भी नकार कर लोभ में नहीं आए, जनता के लाभ के लिए भाजपा से जुड़े।

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