मुंबई , सितंबर 25 -- शिवसेना(यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर झुग्गी-बस्ती इलाकों में घरों को गिराने के बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के फैसले को रोकने की मांग की है।

गौरतलब है कि इससे पहले बीएमसी ने शहर की झुग्गी-बस्तियों में अतिरिक्त निर्माणों के खिलाफ 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर, 2026 तक एक विशेष तोड़फोड़ अभियान की घोषणा की थी।

श्री ठाकरे ने अपने पत्र में कहा, "इसके तहत 14 फीट या उससे अधिक ऊंचाई वाली झुग्गियों को अनधिकृत घोषित कर गिरा दिया जायेगा। प्रशासन ने निवासियों को नोटिस जारी कर उन्हें अपने अतिरिक्त निर्माण खुद हटाने का आदेश दिया है, अन्यथा बीएमसी उन्हें जबरन गिरा देगी।" उन्होंने कहा, "आज भी मुंबई में लाखों परिवार झुग्गी-बस्तियों में रहते हैं और पीढ़ियों से ऐसा कर रहे हैं। जगह की कमी और परिवार के सदस्यों की संख्या बढ़ने के कारण नागरिकों ने छत पर शीट डालकर या अतिरिक्त मंजिलें बनाकर अपने रहने की व्यवस्था की है।"उन्होंने कहा, "उनके खिलाफ कार्रवाई करना बेहद अमानवीय और अन्यायपूर्ण है। मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के अन्य शहरों में ऐसे निर्माणों को पहले ही कानूनी सुरक्षा दी जा चुकी है, तो फिर मुंबई के मेहनती लोगों के साथ ही यह अन्याय क्यों?" बीएमसी के दोहरे रवैये की ओर इशारा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में बीएमसी ने बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) वाली इमारतों के लिए 'ऑक्यूपेशन एमनेस्टी स्कीम 2026' लागू की है। जिन निर्माणकर्ताओं ने सभी नियमों का उल्लंघन करके नागरिकों और बीएमसी को धोखा दिया, उन्हें सरकार के चहेते रियल एस्टेट निर्माणकर्ताओं दोस्तों के खिलाफ कोई कार्रवाई किए बिना छूट दे दी गयी है।

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