छिंदवाड़ा , अक्टूबर 09 -- मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में शारदीय नवरात्रि और दशहरा पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में गरबा आयोजन, डीजे, दुर्गा पंडाल, आतिशबाजी और प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासन ने निर्देश दिए कि गरबा आयोजन रात 10 बजे तक ही किए जा सकेंगे और आयोजकों को पहले अनुमति लेनी होगी। प्रवेश के समय परिचय पत्रों की जांच, आयोजन स्थल पर सीसीटीवी कैमरे और मुख्य द्वार पर वालंटियर तैनात करना अनिवार्य होगा। पुलिसकर्मी वर्दी के साथ सादे कपड़ों में भी निगरानी करेंगे। आयोजकों से परंपरागत परिधान की व्यवस्था रखने को कहा गया है।

डीजे संचालकों को ध्वनि प्रदूषण संबंधी निर्धारित मानकों और उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। तेज आवाज और अत्यधिक बेस से बचने तथा गरबा और दुर्गा पंडालों में भक्ति गीत एवं शालीन संगीत बजाने के निर्देश दिए गए हैं। आपत्तिजनक गाने बजाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

दुर्गा पंडाल ऐसे स्थानों पर लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जहां यातायात बाधित न हो। नए स्थान पर पंडाल लगाने के लिए अनुमति लेना जरूरी होगा। पंडालों में अग्नि सुरक्षा, साफ-सफाई और कचरा पात्र की व्यवस्था करने तथा रात में कम से कम एक वालंटियर की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रशासन ने घनी बस्तियों, संकरी गलियों, ट्रांसफार्मर के पास, फव्वारा चौक और पेट्रोल पंपों के आसपास आतिशबाजी नहीं करने के निर्देश दिए हैं। दशहरा मैदान में 20 अक्टूबर को शाम 6:30 बजे रावण दहन होगा। इस दौरान पुतले के आसपास बैरिकेडिंग और अग्निशमन वाहन की व्यवस्था रहेगी।

दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन 20 अक्टूबर से 21 अक्टूबर की रात तक किया जाएगा। छोटा तालाब, कुलबहरा नदी, बोदरी नदी, सिंगोड़ी पेंच नदी और काराबोह सहित प्रमुख विसर्जन स्थलों पर पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, होमगार्ड और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें तैनात रहेंगी। जरूरत के अनुसार तैराकों की व्यवस्था भी की जाएगी।

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