भोपाल , सितंबर 21 -- भोपाल में गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के बीच बयानबाजी सामने आई है। श्री शर्मा ने मुस्लिम युवकों से गरबा में अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लाने की बात कही, जबकि श्री मसूद ने उनके बयान को आपत्तिजनक बताते हुए उनसे सुधरने को कहा। श्री शर्मा की टिप्पणी की स्वतंत्र रूप से उपलब्ध पुष्टि विभिन्न समाचार रिपोर्टों में हुई है।

श्री शर्मा ने करोंद में जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित मटकी फोड़ कार्यक्रम में कहा था कि गरबा केवल उत्सव या मनोरंजन नहीं, बल्कि मां भगवती की आराधना का पर्व है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम गरबा में आना चाहते हैं तो आएं, लेकिन अकेले न आएं और अपने घर की बहन-बेटियों को भी साथ लेकर आएं। उन्होंने कहा कि 'हमारे भी छोरे तैयार हैं।' उन्होंने गरबा में आने वालों से तिलक लगाने, जय श्रीराम कहने और गौ माता की रक्षा करने की बात भी कही।

श्री शर्मा ने यह भी कहा कि यदि किसी को हिंदू धर्म और सनातन से लगाव है तो वह राम और कृष्ण को अपने मन में स्थान दे तथा सनातन को स्वीकार करे। उन्होंने गरबा को गलत नीयत से 'तमाशा' बनाने और 'लव जिहाद' करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि नौजवान प्रतिकार के लिए तैयार हैं।

उनके बयान पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे गंदा और घटिया बताया तथा श्री शर्मा से सुधरने को कहा। श्री मसूद ने कहा कि मुस्लिम समाज गरबा में नहीं जाता और गरबा से उसका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने लोगों से एक-दूसरे को इंसान समझने और धार्मिक माहौल को खराब नहीं करने की अपील भी की।

इधर श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने गरबा आयोजकों से आयोजन को धार्मिक स्वरूप में कराने, पंडालों में मां भगवती की प्रतिमा स्थापित करने और धार्मिक गीत-भजन बजाने की मांग की। उन्होंने गरबा पंडालों में पहचान पत्र की जांच करने तथा प्रवेश स्थल पर भगवान विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना के बाद प्रवेश देने की मांग भी की।

एआईएमआईएम मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने भी श्री शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि श्री शर्मा को संविधान पढ़ने की जरूरत है और इस तरह के बयान देश को तोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने भाजपा के मुस्लिम नेताओं का उल्लेख करते हुए श्री शर्मा की टिप्पणी पर सवाल उठाए।

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