गया जी , सितंबर 26 -- िश्व प्रसिद्ध गयाजी में 17 दिवसीय पिंडदान अनुष्ठान की शुरुआत हो गई है।पहले दिन श्रद्धालुओं ने फल्गु नदी के घाट पर पितरों का आह्वान कर पिंडदान की प्रक्रिया शुरू की।श्रद्धालुओं के अनुसार यह अनुष्ठान 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।

गया में पिंडदान की विशेष परंपरा के तहत श्रद्धालु 17 दिनों के दौरान अलग-अलग वेदियों और धार्मिक स्थलों पर जाकर पिंडदान करेंगे। इस दौरान करीब 54 स्थानों पर पिंडदान किए जाने की परंपरा बताई गई है।

श्रद्धालुओं का मानना है कि गया जी में पिंडदान करने से पितरों को सद्गति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

गया जी पहुंचे संदीप शास्त्री ने बताया कि पहले दिन फल्गु नदी के घाट पर पितरों का आह्वान कर पितृपुरोहितों के निर्देश के अनुसार पिंडदान की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि 17 दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर जाकर पिंडदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि गया जी की धार्मिक मान्यता अन्य स्थानों से अलग है और यहां पितरों के निमित्त किए जाने वाले कर्मकांड का विशेष महत्व है।

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