नयी दिल्ली , अक्टूबर 12 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि गन्ना किसानों को तत्काल और प्रभावी राहत देने के लिए एक सप्ताह के भीतर एक विशेष उच्चस्तरीय संयुक्त कमेटी का गठन किया जाएगा।

श्री चौहान ने बताया कि यह कमेटी गन्ने की कटाई के समय, रिकवरी के वैज्ञानिक मापदंड, आधुनिक लैब व्यवस्था और वजन की शुद्धता से जुड़े हर तकनीकी पहलू की बारीकी से जांच करेगी और अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।

वह कर्नाटक और महाराष्ट्र से यहां आए गन्ना किसानों के प्रतिनिधिमंडलों, और केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।

इस बैठक में गन्ना किसानों की जमीनी समस्याओं, शुगर मिलों की रिकवरी के आंकड़ों में अंतर, वजन, कचरा, प्रयोगशाला जांच और फसल बीमा से जुड़ी बातों पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि इस कमेटी में केंद्र सरकार, संबंधित राज्य सरकारों, किसान संगठनों, शुगर मिलों और वैज्ञानिकों को शामिल किया जाएगा।

बैठक में यह भी तय किया गया कि समस्याओं के समाधान को दो चरणों अल्पकालिक और दीर्घकालिक में विभाजित कर नीतिगत फैसले लिए जाएंगे। तात्कालिक प्रशासनिक सुधारों को लागू करने के साथ ही नीतिगत व तकनीकी व्यवस्थाओं को वैज्ञानिक आधार पर स्थायी रूप से सुदृढ़ किया जाएगा।

श्री जोशी ने भी बैठक में गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य निर्धारण की वैज्ञानिक प्रक्रिया और लागत आकलन के तौर-तरीकों की जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार राज्यों और किसानों के समन्वय से हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है।

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