फगवाड़ा , सितंबर 07 -- भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) दोआबा ने गन्ना किसानों के कथित 28 करोड़ रुपये के बकाये को लेकर गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने और 14 से 18 सितंबर तक जालंधर में पंजाब के मंत्री मोहिंदर भगत के आवास के प्रस्तावित घेराव में शामिल होने का फैसला किया है।
फगवाड़ा के गुरुद्वारा सुखचैना साहिब में प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह राय की अध्यक्षता में सोमवार को हुई संगठन की बैठक में ये फैसले लिये गये। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष किरपाल सिंह मुसापुर, फगवाड़ा सर्किल प्रभारी कुकविंदर सिंह काला समेत अन्य नेता शामिल हुए।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि राणा ग्रुप के स्वामित्व वाली गोल्डन संधार शुगर मिल, फगवाड़ा पर 2020-21 सीजन का करीब 28 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है। उन्होंने 2025-26 सीजन के लिए राज्य सरकार द्वारा घोषित 68.50 रुपये प्रति क्विंटल बोनस का मुद्दा भी उठाया, जो उनके अनुसार करीब 19 करोड़ रुपये बनता है।
नेताओं के अनुसार, राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने उन्हें बताया है कि बकाया भुगतान नहीं किये जाने के कारण 2025-26 सीजन के लिए चीनी मिल का लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि बकाया राशि का भुगतान और लाइसेंस संबंधी शर्तें पूरी होने तक बोनस जारी नहीं किया जा सकता।
बीकेयू नेताओं ने राणा ग्रुप पर किसानों के बकाये के भुगतान में देरी का आरोप लगाया और राज्य सरकार से मिल प्रबंधन पर दबाव बनाने की मांग की। संगठन ने किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के 14 से 18 सितंबर के प्रस्तावित विरोध कार्यक्रम के तहत 14 सितंबर को जालंधर में मैकडॉनल्ड्स, जीटी रोड पर कार्यकर्ताओं के जुटने और वहां से मंत्री मोहिंदर भगत के आवास की ओर मार्च करने का फैसला किया है। आंदोलन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जुटाने और मंत्री आवास के बाहर रात्रि ठहराव की भी योजना बनायी गयी है।
किसान नेताओं ने कहा कि यदि सरकार केएमएम की मांगों, जिनमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, बीज संशोधन विधेयक और बिजली संशोधन विधेयक से जुड़े मुद्दे शामिल हैं, पर बैठक नहीं बुलाती तो 16 सितंबर को आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने रेल और राष्ट्रीय राजमार्गों पर नाकेबंदी जैसे कदम उठाये जाने की संभावना भी जतायी।
बैठक में गांव स्तर पर संगठन को मजबूत करने और अन्य किसान संगठनों के साथ समन्वय कर लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया।
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