नयी दिल्ली , मई 05 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गन्ना और कपास के बारे में मंत्रिमंडल के मंगलवार के फैसलों को कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में फिर बड़ा, संवेदनशील और दूरदर्शी निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि चीनी सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 365 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो गन्ना किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें उत्पादन का बेहतर प्रतिफल दिलाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, 10.25 प्रतिशत से अधिक रिकवरी पर प्रत्येक 0.1 प्रतिशत वृद्धि के लिए 3.56 रु. प्रति क्विंटल का प्रीमियम दिया जाएगा, जबकि 10.25 प्रतिशत से कम रिकवरी पर इसी दर से एफआरपी में कमी का प्रावधान है।

श्री चौहान ने कहा कि जिन चीनी मिलों में रिकवरी 9.5 प्रतिशत से कम रहेगी, वहां भी किसानों के एफआरपी में कोई कटौती नहीं की जाएगी और ऐसे किसानों को 338.30 रु. प्रति क्विंटल का मूल्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल मूल्य वृद्धि भर नहीं है, बल्कि किसानों को सुरक्षा, स्थिरता और सम्मान देने का संकल्प भी है। चीनी सत्र 2026-27 के लिए गन्ने की उत्पादन लागत 182 रु. प्रति क्विंटल आंकी गई है, जबकि घोषित एफआरपी 365 रु. प्रति क्विंटल है, जो लागत से 100.5 प्रतिशत अधिक है। यह भी उल्लेखनीय है कि नया एफआरपी र्तमान चीनी सत्र 2025-26 की तुलना में 2.81 प्रतिशत अधिक है।

पिछले चीनी सत्र 2024-25 में देय 1,02,687 करोड़ रुपये में से लगभग 1,02,209 करोड़ रुपये का भुगतान 20 अप्रैल 2026 तक किया जा चुका था जो बकाये का लगभग 99.5 प्रतिशत है। चालू चीनी सत्र 2025-26 में देय 1,12,740 करोड़ रु. में से लगभग 99,961 करोड़ रु. का भुगतान 20 अप्रैल 2026 तक किया जा चुका है, जो लगभग 88.6 प्रतिशत है।

कृषि मंत्री ने कपास क्षेत्र के पुनरुद्धार की दिशा में 5659.22 करोड़ रुपये का कपास उत्पादकता मिशन शुरू करने के सरकार के फैसलों को ऐतिहासिक कदम बताया।

श्री चौहान ने कहा कि कपास उत्पादकता मिशन से किसानों की आय, उत्पादन और गुणवत्ता को नया बल मिलेगा तथा शोध, तकनीक और विस्तार के दम पर कपास खेती में नये बदलाव आयेंगे। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर मोदी सरकार का यह निर्णय कपड़ा उद्योग की खेत से अंतराष्ट्रीय फसल बाजार तक की मूल्य संवर्धन श्रृंखला में भारत की स्थित मजबूत करने के लिए 5एफ के दृष्टिकोण को मजबूती मिलेगी, किसान से वस्त्र उद्योग तक बनेगी विकास की सभी कड़ियां मजबूत होंगी।

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