पटना , जून 25 -- राज्य में गन्ना आधारित उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहित करने, किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने तथा बिहार की गौरवशाली चीनी उद्योग परंपरा को पुनः स्थापित करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 को स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वाकांक्षी नीति को मंजूरी दी गई।

बिहार देश का पहला राज्य है जिसने गन्ना क्षेत्र के विस्तार के लिए मॉडर्न शुगर काम्प्लेक्स चीनी मिल, डिस्टीलरी, सह-विद्युत उत्पादन तथा कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) इकाइयों की स्थापना एवं क्षमता विस्तार के लिए एकीकृत एवं व्यापक प्रोत्साहन नीति लागू की है। यह नीति राज्य में नई गन्ना क्रांति का आधार बनेगी तथा बिहार की समृद्ध चीनी उद्योग विरासत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में मील का पत्थर साबित होगी।

नीति के अंतर्गत 5000 टीसीडी क्षमता वाली नई चीनी मिल की स्थापना पर निवेशकों को पाँच वर्षों में 100 करोड़ रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार, 3500 टीसीडी क्षमता वाली नई चीनी मिल की स्थापना पर पाँच वर्षों में 70 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। वहीं, कार्यरत चीनी मिलों की क्षमता में न्यूनतम 1000 टीसीडी के विस्तार पर 15 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी तथा इससे अधिक क्षमता विस्तार पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार अतिरिक्त प्रोत्साहन भी उपलब्ध कराया जाएगा।

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