जयपुर , अक्टूबर 03 -- केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि पूरा थार क्षेत्र गोडावण से भावनात्मक एवं सांस्कृतिक रूप से जुड़ा हुआ है और पिछले एक दशक में गोडावण संरक्षण के क्षेत्र में हासिल प्रगति आज वैश्विक स्तर पर एक उदाहरण बन चुकी है।

श्री यादव शनिवार को जोधपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जैसलमेर जिले के रामदेवरा में नवनिर्मित गोडावण पुनर्स्थापन पक्षी गृह के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गोडावण संरक्षण कार्यक्रम की सफलता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच और केंद्र एवं राज्य सरकारों, वैज्ञानिकों, वन विभाग तथा स्थानीय समुदायों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि गोडावण थार पारिस्थितिकी तंत्र की अम्ब्रेला स्पीशीज है और इसका संरक्षण घासभूमियों के संरक्षण, भूमि क्षरण को रोकने तथा मध्य एशियाई फ्लाईवे में प्रवासी पक्षियों के महत्वपूर्ण पड़ावों के संरक्षण में भी योगदान देगा। उन्होंने कहा कि गोडावण संरक्षण के पर्यावरणीय लाभों के साथ ही स्थानीय समुदायों को इको-टूरिज्म के माध्यम से आर्थिक लाभ भी प्राप्त होंगे।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार एवं भारतीय वन्यजीव संस्थान के संयुक्त प्रयासों से जैसलमेर के सम और रामदेवरा प्रजनन केंद्रों में हमारे पास 97 गोडावण मौजूद हैं। रामदेवरा में विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों के परामर्श से निर्मित रिवाइल्डिंग एवियरी कैप्टिव-ब्रेड गोडावण को पर्याप्त उड़ान क्षेत्र उपलब्ध कराती है, जिससे वे प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल होने और स्वाभाविक व्यवहार विकसित करने में सक्षम होंगे।

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