पुणे , सितंबर 27 -- गणेशोत्सव के दौरान महाराष्ट्र के इस शहर और प्रमुख अष्टविनायक तीर्थ केंद्रों में 23 एम्बुलेंस तैनात की गयी थीं, जिन्होंने श्रद्धालुओं को चौबीसों घंटे आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान की। इस दौरान 14 से 26 सितंबर के बीच 1,798 मरीजों का मौके पर ही इलाज किया गया।

शनिवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, जिनका इलाज किया गया उनमें से 167 मरीजों को आगे के इलाज के लिए अस्पतालों में भेजा गया।

'108 एम्बुलेंस सेवा' ने पुणे शहर के प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर 18 एम्बुलेंस तैनात की थीं, जबकि थेऊर, मोरगाव, लेण्याद्री, ओझर और रांजणगांव स्थित अष्टविनायक मंदिरों में प्रत्येक स्थान पर एक-एक यानी कुल पांच एम्बुलेंस तैनात की गयी थीं।

पुणे और तीर्थ स्थलों पर आने वाली भारी भीड़ के बीच आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों से निपटने के लिए त्योहार के दौरान सभी एम्बुलेंस 24 घंटे चालू रहीं।

विज्ञप्ति में कहा गया कि समय पर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए 26 डॉक्टरों, 26 ड्राइवरों और परिचालन कर्मचारियों सहित लगभग 57-58 कर्मियों को तैनात किया गया था।

मेडिकल टीमों ने श्रद्धालुओं का गिरने, थकान, चक्कर आने, सांस लेने में तकलीफ, डिहाइड्रेशन, अत्यधिक शराब के सेवन से जुड़ी समस्याओं, सीने में दर्द और दिल का दौरा पड़ने जैसी कई तरह की आपातकालीन स्थितियों का इलाज किया।

इसमें कहा गया कि डॉक्टरों और आपातकालीन चिकित्सा कर्मियों ने मौके पर ही तुरंत इलाज मुहैया कराया और जिन मरीजों को बेहतर इलाज की जरूरत थी, उन्हें अस्पताल भेजने की व्यवस्था की।

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