मुंबई , सितंबर 11 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को गणेशोत्सव के दौरान पुणे में शराब की बिक्री और सेवन पर 10 दिनों का पूर्ण प्रतिबंध लगाने के प्रशासन के फैसले पर कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने सवाल उठाया कि जब मुंबई सहित राज्य के अन्य हिस्सों में ऐसी पाबंदियां लागू नहीं की गई हैं, तो केवल पुणे को ही निशाना क्यों बनाया गया।

मुख्य न्यायाधीश एम. सी. त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से टिप्पणी की कि यदि इस पाबंदी के आदेश को वापस नहीं लिया गया तो अदालत हस्तक्षेप करेगी। पीठ ने कहा कि इस प्रकार के मनमाने प्रतिबंध से पुणे और वहां के निवासियों की छवि प्रभावित हो सकती है।

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