नैनीताल , अप्रैल 15 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रकरण सिंह की नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने कुलपति की नियुक्ति को नियमों और अधिनियमों के अनुरूप माना है।विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कर्मचारी नवीन प्रकाश नौटियाल की ओर से चुनौती दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने इस मामले को सुनने के बाद विगत 11 मार्च को निर्णय सुरक्षित रख लिया था।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि कुलपति की नियुक्ति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) विनियम, 2018 और केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 का उल्लंघन है।
विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि कुलपति की नियुक्ति सही है। यूजीसी विनियम 2018 एवं केन्द्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप की गई हैं।
यह भी कहा गया कि कुलपति की नियुक्ति के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया जाता है। समिति उम्मीदवारों का चयन कर कुछ नाम सरकार को भेजती है और उनमें से एक का चयन किया जाता है।
अंत में अदालत ने माना कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं है, इसलिए यह खारिज किए जाने योग्य है। विश्वविद्यालय की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता डॉ. कार्तिकेय हरि गुप्ता ने बताया कि अदालत ने स्पष्ट रूप से माना है कि कुलपति की नियुक्ति अधिनियम और संबंधित नियमों के अनुरूप है।
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