गढ़चिरौली , अगस्त 19 -- जिले के अनुदान प्राप्त आश्रम विद्यालय में सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत के बाद महाराष्ट्र सरकार ने विद्यालय की मान्यता स्थायी रूप से रद्द कर दी है।
यह कार्रवाई धानोरा तालुका स्थित जपटाला आश्रम विद्यालय के खिलाफ की गयी है। यहां छात्रावास में सो रही छह छात्राओं को सांप ने काट लिया था, जिनमें से तीन की मौत हो गयी और अन्य तीन घायल छात्राओं का इलाज चल रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि विभागीय जांच में संस्थान की व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां पायी गयी हैं। जांच में छात्राओं की सुरक्षा, कर्मचारियों की तैनाती, छात्रावास की सुविधाओं और समग्र प्रशासन के स्तर पर बड़ी लापरवाही सामने आयी है।
सरकारी अनुदान हासिल करने के लिए विद्यालय की बतायी गयी विद्यार्थियों की संख्या में विसंगतियों का मुद्दा भी सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, घटना के वक्त संस्थान में 100 से अधिक छात्र-छात्राएं रह रहे थे, लेकिन वहां एक पुरुष और एक महिला सिर्फ दो कर्मचारी ही मौजूद थे।
विद्यालय अधीक्षक स्वीकृत अवकाश पर थे, लेकिन उनका प्रभार औपचारिक रूप से किसी अन्य महिला शिक्षिका या जिम्मेदार कर्मचारी को नहीं सौंपा गया था। इसके अलावा माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक भी अनुपस्थित थे।
जांच में यह बात भी सामने आयी कि सर्पदंश की शिकार छात्राओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए विद्यालय में पर्याप्त सुविधाएं मौजूद नहीं थीं। प्रशासन ने घायल छात्राओं को अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी के लिए खराब सड़क की स्थिति का हवाला दिया था।
इन तमाम लापरवाहियों को देखते हुए जनजातीय विकास आयुक्त लीना बनसोड ने विद्यालय की मान्यता स्थायी रूप से रद्द करने का आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही राज्य सरकार से संस्थान की संबद्धता समाप्त हो गयी है।
जनजातीय विकास विभाग ने बाकी बचे विद्यार्थियों को अन्य आश्रम विद्यालयों में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है, ताकि उनकी सुरक्षा और पढ़ाई प्रभावित न हो।
राज्य सरकार ने इससे पहले पूरे महाराष्ट्र में अनुदान प्राप्त आश्रम विद्यालयों के थर्ड-पार्टी ऑडिट के आदेश दिये थे। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया था कि दूरदराज और आंतरिक इलाकों में स्थित संस्थानों में निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाये।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित