कोटा, 03 अक्टूबर (वार्ता) राजस्थान में कोटा में शनिवार की शाम गजल, बॉलीवुड क्लासिक्स और सूफी संगीत के सुरों से सराबोर रही।
सृजन द स्पार्क कोटा की ओर से श्रीनाथपुरम सेक्टर-ए स्थित निजी स्कूल के ऑडिटोरियम में 'गीतांजलि' लाइव म्यूजिकल इवनिंग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोकप्रिय गजल गायक जाज़िम शर्मा ने अपनी गायकी से संगीत के स्वर्णिम दौर की यादें ताजा कर दीं। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लाडपुरा विधायक कल्पना देवी थीं।
विधायक कल्पना देवी ने कहा , "संगीत से हमारा नाता जन्म से मृत्यु तक बना रहता है। चाहे लोकगीत हों या भजन, संगीत हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। सृजन द स्पार्क कोटा अपने संगीत के आयोजनों से न केवल लोगों को आनंदित करता हैं , बल्कि नये प्रतिभाशाली कलाकारों और उभरते सितारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी देता है।
जाज़िम शर्मा ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उस्ताद बरकत अली खान, बेगम अख्तर, मेहदी हसन, गुलाम अली, जगजीत सिंह और पंकज उधास जैसे महान फनकारों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी प्रस्तुतियों में वो जो तुमसे मेरा करार था..." और "जिंदगी दे तो जीने का हुनर भी देना...'चुपके चुपके रात दिन', 'तुमको देखा तो ये ख्याल आया' और 'होंठों से छू लो तुम' जैसे सदाबहार गीतों की झलक ने श्रोताओं को संगीत के उस दौर की स्मृतियों से जोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी एलबम और गजलों की प्रस्तुतियों से भी माहौल को भावपूर्ण बनाया।
फरहत शहजाद, निदा फाजली और अल्लामा इकबाल की रचनाओं पर आधारित उनकी प्रस्तुतियों ने महफिल को अलग रंग दिया।
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