कुशीनगर , अगस्त 29 -- नेपाल में आई बाढ़ के बाद गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज फिर बढ़ने से कुशीनगर के खड्डा रेता क्षेत्र में बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ गया है। नदी छितौनी बांध के भेडियारी ठोकर नंबर तीन के समीप दबाव बना रही है। हालांकि, बाढ़ खंड विभाग का कहना है कि मौजूदा डिस्चार्ज से बाढ़ का खतरा नहीं है।
नेपाल में बाढ़ के दौरान गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज करीब डेढ़ लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था। इसके बाद गुरुवार को डिस्चार्ज घटकर 88 हजार क्यूसेक रह गया था, जिससे खड्डा रेता क्षेत्र में बाढ़ का खतरा कुछ कम हुआ था। शुक्रवार को नदी में पानी का डिस्चार्ज फिर बढ़कर करीब 1.02 लाख क्यूसेक हो गया। इसके बाद नदी का दबाव छितौनी बांध के संवेदनशील हिस्सों पर बढ़ गया है।
नेपाल में आई बाढ़ के पानी के साथ शुक्रवार को गंडक नदी में तीन और शव बहकर कुशीनगर के खड्डा क्षेत्र में पहुंचे। इनमें दो महिलाओं और एक पुरुष का शव शामिल है। इससे पहले गुरुवार को भी तीन शव बरामद हुए थे। इस तरह नेपाल से बहकर आए कुल छह अज्ञात शव अब तक बरामद किए जा चुके हैं।
अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा ने बताया कि सभी छह शवों को जिला अस्पताल, कुशीनगर के डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है। शवों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पहचान सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन नेपाल के सीमावर्ती जिलों के प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है।
उन्होंने बताया कि किसी शव की पहचान होने और आवश्यक वैधानिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे नियमानुसार पूरे सम्मान के साथ संबंधित परिजनों अथवा अधिकृत प्रतिनिधि को सौंपा जाएगा। जिला प्रशासन ने कहा कि पूरे प्रकरण में मानवीय संवेदनाओं, शवों की गरिमा और निर्धारित वैधानिक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।
नेपाल से गंडक नदी में लकड़ी और अन्य सामान बहकर आने का सिलसिला अभी जारी है। प्रशासन ने लोगों से तेज बहाव में बहकर आ रहे सामान को पकड़ने के लिए नदी में न उतरने की अपील की है। पुलिस और होमगार्ड जवानों को ऐसे लोगों को रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके बावजूद शुक्रवार को खड्डा और छितौनी क्षेत्र में कुछ लोग तटबंध के आसपास नदी में बह रही लकड़ियों और अन्य सामान को पकड़ने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते दिखाई दिए। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी के तेज बहाव से दूर रहने और किसी भी तरह का जोखिम न उठाने की लगातार हिदायत दी जा रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित