, Sept. 7 -- श्री चौधरी ने कहा कि मुंगेर में गंगा का जलस्तर 40.10 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 39.33 मीटर से 0.77 मीटर ऊपर है। भागलपुर में नदी 34.52 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान से 0.84 मीटर अधिक है। कहलगांव में जलस्तर 32.69 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 31.09 मीटर से 1.60 मीटर ऊपर है। फरक्का में गंगा 23.49 मीटर पर बह रही है और यहां जलस्तर खतरे के निशान से 1.24 मीटर अधिक है। इन सभी स्थानों पर नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। उन्होने कहा कि इस इलाके में कुशल बाढ़ प्रबंधन के कारण ही नवगछिया को सुरक्षित रखने में मदद मिली है।
जलसंसाधन मंत्री ने कहा कि इन इलाकों में नदी की प्रकृति में बदलाव की वजह फरक्का जल समझौता भी है, जहाँ बराज बनने के बाद गंगा में गाद की समस्या बढ़ गयी है। उन्होंने भारत-बांग्लादेश जलसंधि को भी बिहार के लिए प्रतिकूल बताया।
श्री चौधरी ने कहा कि पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.36 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 48.60 मीटर से 1.76 मीटर ऊपर है। यहां जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। दीघा में गंगा 51.70 मीटर पर है और हथीदह में 43.48 मीटर पर बह रही है। उन्होंने कहा कि संतोष की बात है कि दोनों स्थानों पर जलस्तर घट रहा है।
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