मिर्जापुर , मई 26 -- गंगा दशहरा के पावन पर्व पर मंगलवार को मां विंध्यवासिनी धाम में लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। श्रद्धालुओं ने पहले गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया और उसके बाद मां विंध्यवासिनी देवी के दरबार में हाजिरी लगाई। नौतपा की भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। घाटों और मंदिर परिसर में पूरे दिन भारी भीड़ बनी रही। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

इस वर्ष गंगा दशहरा का पर्व दो दिनों तक मान्य होने के कारण मंगलवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे। विंध्याचल धाम में सोमवार से ही देश के विभिन्न हिस्सों से दर्शनार्थियों का आगमन शुरू हो गया था। मंगलवार भोर में मंगला आरती के बाद जैसे ही मां विंध्यवासिनी देवी का पट खुला, दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।

विंध्याचल के पक्के घाट सहित गंगा के अन्य घाटों पर भी स्नानार्थियों की भारी भीड़ रही। शहर के बरियाघाट, नारघाट और अन्य प्रमुख घाटों पर दिनभर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। हालांकि दोपहर में भीषण गर्मी के दौरान भीड़ कुछ कम हुई, लेकिन दर्शन और स्नान का सिलसिला लगातार जारी रहा।

इसी बीच गंगा दशहरा के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में निभाई जाने वाली गुडुई-गुड्डा प्रवाहित करने की परंपरा के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। पुलिस के अनुसार लालगंज थाना क्षेत्र के कनोखर गांव निवासी 17 वर्षीय काजल पुत्री रामनारायण मंगलवार सुबह अपनी सहेलियों के साथ तालाब में स्नान करने गई थी। इसी दौरान वह गहरे पानी में चली गई और डूबने से उसकी मौत हो गई।

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