ऋषिकेश, मार्च 10 -- उत्तराखंड के ऋषिकेश में परमार्थ निकेतन के गंगा तट पर मंगलवार को दीप प्रज्वलन के साथ अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में स्वामी चिदानंद सरस्वती, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, साध्वी भगवती सरस्वती, बाबाजी शिवानंद समेत 80 से अधिक देशों से आए योगाचार्यों, साधकों और योग जिज्ञासुओं ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इस मौके पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि योग और संगीत का संगम जीवन को भीतर से बदलने की शक्ति रखता है। जब श्वास की लय और सुरों की ध्वनि एक हो जाती है तो जीवन स्वयं एक साधना बन जाता है।
रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि परमार्थ निकेतन का वातावरण वैश्विक एकता, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है। दुनिया के कई देशों से आए साधक योग, ध्यान और साधना के माध्यम से मानवता, प्रेम और समरसता का संदेश दे रहे हैं, जो वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को मजबूत करता है।
साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं, बल्कि संतुलित और शांत जीवन जीने की संपूर्ण जीवनशैली है। आज की तेज रफ्तार दुनिया में योग व्यक्ति को भीतर की शांति और जागरूकता से जोड़ता है।
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