पटना , सितंबर 7 -- बिहार में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के आंकड़ों के अनुसार सोमवार सुबह तक राज्य के कई प्रमुख स्थानों पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पटना जिले में दीघाघाट और गांधीघाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से क्रमश: 1.33 मीटर और 1.81 मीटर ऊपर दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन ने नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों और गंगा के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

पटना जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार 7 सितंबर को सुबह 6 बजे दीघाघाट में गंगा का जलस्तर 51.78 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 50.45 मीटर है। गांधीघाट में जलस्तर 50.41 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 48.60 मीटर से 1.81 मीटर अधिक है। दीघाघाट पर जलस्तर हालांकि लगातार गिर रहा है, जबकि गांधीघाट पर स्थिति स्थिर बनी हुई है।

पटना जिले में मोकामा प्रखंड के हाथीदह में स्थिति और गंभीर है। यहां सुबह 6 बजे गंगा का जलस्तर 43.52 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 40.76 मीटर से 1.76 मीटर ऊपर और अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर के आसपास है। आंकड़ों में हाथीदह को उच्चतम बाढ़ स्तर की स्थिति में बताया गया है और जलस्तर फिलहाल स्थिर है।

बक्सर में भी गंगा खतरे के निशान के आसपास बनी हुई है। यहां सुबह 6 बजे जलस्तर 60.19 मीटर दर्ज किया गया। दूसरी ओर, बलिया में गंगा का जलस्तर 59.71 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 57.615 मीटर से 2.09 मीटर ऊपर है। हालांकि यहां जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है।

मध्य और पूर्वी बिहार में गंगा के जलस्तर में वृद्धि का प्रभाव अधिक है। मुंगेर में सुबह 6 बजे नदी का जलस्तर 40.06 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 0.73 मीटर ऊपर है और लगातार बढ़ रहा है। सुल्तानगंज में जलस्तर 36.70 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 2.20 मीटर ऊपर है। यहां भी नदी बढ़ रही है।

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