नैनीताल , मार्च 25 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने तीर्थ नगरी हरिद्वार में गंगा नदी के किनारे कथित रूप से हो रहे अवैध खनन के मामले में याचिकाकर्ता को राहत नहीं देते हुए बुधवार को जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है।

मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली खंडपीठ ने हालांकि याचिकाकर्ता को जगजीतपुर हरिद्वार स्थित मातृसदन की ओर दायर जनहित याचिका में पक्षकार बनने की छूट दे दी है। इस मामले में मातृसदन की ओर से रायवाला से भोगपुर तक गंगा किनारे हो रहे अवैध खनन के मामले को जोरदार ढंग से उठाया गया है।

उल्लेखनीय है कि हरिद्वार निवासी नाजिम की ओर से बुधवार को एक जनहित याचिका दायर कर हरिद्वार में गंगा किनारे अवैध खनन के मुद्दे को उच्च न्यायालय के समक्ष रखा गया। अदालत ने याचिका को निस्तारित करते हुए इसी मामले में पहले से चल रही जनहित याचिका में पक्षकार बनने और अपना पक्ष रखने के निर्देश दे दिए।

अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि गंगा किनारे हो रहे अवैध खनन को लेकर जब एक मामला उच्च न्यायालय में पूर्व से चल रहा है तो दूसरा मामला पृथक से दायर करने की जरूरत नहीं है।

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