प्रयागराज , अगस्त 31 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से झुंसी क्षेत्र के कछार इलाके में स्थित बदरा सुनौटी गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गया है। सोमवार दोपहर गंगा का पानी बढ़ने के बाद गांव की मुख्य सड़क और संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए। कई स्थानों पर कमर से ऊपर तक पानी बह रहा है, जिससे गांव का शहर और आसपास के कस्बों से संपर्क लगभग कट गया है।

सड़क किनारे बने मकानों के निचले हिस्सों तक भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बदरा सुनौटी जाने वाली मुख्य काली सड़क के अलावा मुंशी के पुरवा समेत कई संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। ग्रामीणों को मजबूरी में गहरे पानी के बीच से होकर पैदल आवागमन करना पड़ रहा है। पानी का बहाव लगातार बढ़ने से ग्रामीणों को आशंका है कि शाम तक इन रास्तों से पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाएगा।

ग्रामीण मनीष कुमार यादव ने बताया कि बाढ़ के कारण आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। खेतों में खड़ी फसलें भी पानी में डूबने से नष्ट हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चिंता बीमार और बुजुर्ग लोगों को लेकर है। किसी की तबीयत खराब होने की स्थिति में उसे इलाज के लिए बाहर ले जाना मुश्किल होगा।

उन्होंने बताया कि रोजमर्रा की जरूरतों के सामान के लिए भी ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। आटा पिसवाने अथवा अन्य जरूरी सामान लाने में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीण पुष्पा ने बताया कि बाढ़ के कारण सड़क पूरी तरह प्रभावित हो गई है और खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान हो रहा है। फिलहाल ग्रामीण किसी तरह पानी के बीच से आवागमन कर रहे हैं, लेकिन जलस्तर और बढ़ा तो शाम तक रास्ते से निकलना संभव नहीं होगा। ऐसी स्थिति में लोगों को आने-जाने के लिए वैकल्पिक रास्ता तलाशना पड़ेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बावजूद अभी तक प्रशासन की ओर से नाव अथवा आवागमन के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित गांव में तत्काल नाव उपलब्ध कराने, जलमग्न रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था करने तथा प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने की मांग की है।

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