धमतरी , अक्टूबर 30 -- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव से गंगरेल बांध में उठी तेज लहरों के बीच एक मछुआरे की नाव पलट गई। हादसे के बाद मछुआरे ने करीब सौ मीटर तैरकर एक निर्जन टापू पर पहुंचकर अपनी जान बचाई।
घटना की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन और गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की टीम ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया और वाटर एम्बुलेंस की सहायता से मछुआरे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जिला प्रशासन से आज प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बरारी निवासी मछुआरे बबलू निषाद लकड़ी एकत्र करने के लिए नाव से ठेमली आइलैंड गए थे। इसी दौरान कल शाम अचानक मौसम खराब होने से बांध के जलक्षेत्र में तेज हवाएं चलने लगीं और ऊंची लहरें उठने लगीं। परिस्थितियां बिगड़ती देख बबलू निषाद ने नाव पलटने की आशंका जताते हुए अपने परिजनों को फोन पर इसकी सूचना दी। इसके कुछ देर बाद ही तेज लहरों के कारण उनकी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई।
नाव पलटने के बाद बबलू निषाद ने तैरकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का प्रयास किया। लगभग सौ मीटर की दूरी तय करने के बाद वह एक निर्जन टापू पर पहुंचने में सफल रहे। हालांकि, शाम ढलने और अंधेरा बढ़ने के कारण टापू के आसपास घने जंगल के बीच उनकी मुश्किलें बढ़ गईं। दूसरी ओर, घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए और तत्काल बचाव दल को सूचित किया।
सूचना मिलते ही गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की टीम ने जिला प्रशासन के सहयोग से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्रतिकूल मौसम और रात के अंधेरे के बावजूद वाटर एम्बुलेंस को जलाशय में रवाना किया गया। बचाव दल ने टापू पर फंसे बबलू निषाद की तलाश कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और बाद में सकुशल घर पहुंचाया।
सफल बचाव अभियान के बाद मछुआरे के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन तथा बचाव दल के प्रति आभार व्यक्त किया।
इधर, चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के कारण उत्पन्न मौसम संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने पहले ही एहतियाती निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि चक्रवात और खराब मौसम के दौरान जलाशयों, बांधों तथा अन्य जलक्षेत्रों के आसपास जाने से बचें। साथ ही तेज हवाओं और ऊंची लहरों के संभावित खतरे को देखते हुए पानी से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिकूल मौसम में जलाशयों के आसपास आवाजाही जोखिमपूर्ण हो सकती है। ऐसे में नागरिकों को सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक जोखिम नहीं उठाने की सलाह दी गई है।
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