श्रीगंगानगर , जून 15 -- राजस्थान में गंगनहर के माध्यम से खेती के लिए पर्याप्त और नियमित पानी न मिलने की समस्या को लेकर स्थानीय किसान एक बार फिर सड़कों पर उतर आये हैं।
भारतीय किसान यूनियन (एकता) के किसानों ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट के निकट महाराजा गंगासिंह चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गंगनहर में पूरा पानी छोड़ने की मांग के साथ ही धान मंडी में बारदाना वितरण में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह खालसा ने प्रदर्शन के दौरान बताया कि गंगनहर में पानी का स्तर लगातार घट-बढ़ रहा है। कभी अचानक पानी बढ़ जाता है तो कभी तेजी से कम हो जाता है। इससे किसानों को समय पर सिंचाई नहीं मिल पा रही है और खड़ी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अनियमित पानी की आपूर्ति के कारण उत्पादन में भारी कमी आने की आशंका है। खासकर गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों के लिए यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।
किसानों का आरोप है कि पंजाब की तरफ से पानी की आपूर्ति में हो रही अनियमितता के चलते यह समस्या लगातार बनी हुई है। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से मुलाकात करके पूरा पानी उपलब्ध कराने की मांग रखी। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि समस्या पंजाब की तरफ से पानी के स्तर में उतार-चढ़ाव के कारण हो रही है और विभाग के पास इसका कोई स्थायी समाधान नहीं है। इस जवाब से किसान नेता संदीपसिंह खालसा नाराज हो गये और बोले कि जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का ऐसा रवैया उचित नहीं है। उन्हें किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान निकालना चाहिए। प्रदर्शन का एक और प्रमुख मुद्दा धान मंडी में बारदाना के वितरण में कथित अनियमितताएं थीं। किसानों ने आरोप लगाया कि कच्चा आढ़तिया संघ के बड़े व्यापारियों के साथ मिलकर बारदाना वितरित किया जा रहा है, जबकि छोटे व्यापारी और किसान इससे वंचित रह गये हैं। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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