पटना , मई 25 -- बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने रग्बी खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनके प्रदर्शन, अनुशासन और समर्पण की सराहना की तथा उन्हें सम्मानित करते हुए खेल सामग्री (स्पोर्ट्स किट) प्रदान की। खिलाड़ियों को रग्बी खेल के अनुरूप विशेष खेल किट उपलब्ध कराई गई, जिससे वे बेहतर तैयारी और प्रशिक्षण के साथ अपने प्रदर्शन को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकें।

सम्मानित सभी खिलाड़ी 'सक्षम छात्रवृत्ति योजना' के लाभार्थी हैं, जिसके अंतर्गत प्रत्येक खिलाड़ी को खेल संबंधी आवश्यकताओं तथा प्रशिक्षण सहयोग के लिए प्रतिवर्ष पांच लाख रूपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

इस अवसर पर खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि खेल विभाग की सभी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी प्रत्येक खिलाड़ी तक पहुँचनी चाहिए, जिससे वे उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठा सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित किया जाए जिससे सही खिलाड़ी तक सही समय पर सहायता पहुँच सके।उन्होंने यlकहा कि जो खिलाड़ी सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, उन्हें अभ्यास और प्रतियोगिता की तैयारी के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि विशेष रूप से प्रतियोगिताओं और टूर्नामेंट के दौरान ऐसे खिलाड़ियों को प्रतिदिन दोपहर तीन बजे के बाद अभ्यास के लिए समय दिया जाए।

खिलाड़ियों के प्रदर्शन और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए खेल मंत्री ने निर्देश दिया कि खिलाड़ियों को वैज्ञानिक आहार योजना एवं प्रोटीन सेवन के बारे में व्यवस्थित रूप से प्रशिक्षित किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि खिलाड़ियों को केवल (नाडा) द्वारा प्रमाणित उत्पादों का ही उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित पदार्थों और डोपिंग संबंधी नियमों की जानकारी अत्यंत आवश्यक है तथा इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

खेल मंत्री ने खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन और "कभी हार न मानने" की सोच अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे निरंतर अभ्यास, धैर्य, संघर्ष और कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ते रहने की क्षमता सबसे महत्वपूर्ण होती है।उन्होंने उल्लेख किया कि बिहार के रग्बी खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का गौरव बढ़ाया है। विभाग ऐसे खिलाड़ियों को आवश्यक सहयोग, अवसर और संरचनात्मक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित