पटना , अक्टूबर 25 -- बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने रविवार कहा है कि खेतों का संरक्षण ही किसानों की समृद्धि का आधार है और उनके बचाव से ही किसान खुशहाल होंगे।

कृषि मंत्री ने कहा कि खेतों की उर्वरता बनाए रखने, मिट्टी और जल का संरक्षण करने तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने से ही खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से कृषि विभाग की ओर से 'खेत बचाओ अभियान 2026 सह कृषि जन कल्याण संवाद कार्यक्रम' की शुरुआत सोमवार, 26 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर से की जाएगी। यह अभियान 30 नवंबर तक राज्यभर में चलाया जाएगा।

श्री सिन्हा के नेतृत्व में आयोजित होने वाले इस अभियान का उद्देश्य खेतों के संरक्षण के प्रति किसानों को जागरूक करना, कृषि से जुड़ी समस्याओं पर सीधा संवाद स्थापित करना और जनभागीदारी के माध्यम से खेतों के संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देना है। यह कार्यक्रम वासंतिक (रबी) महाभियान 2026 के तहत आयोजित किया जा रहा है।

अभियान के दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और खेती से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, उनकी समस्याओं को सुनकर उनके समाधान पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। प्राकृतिक खेती, समेकित कीट प्रबंधन, दलहन एवं तिलहन की खेती को बढ़ावा देने, बीज वितरण, फसल विविधीकरण, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा और फार्मर आईडी जैसे विषय कार्यक्रम के प्रमुख केंद्र में रहेंगे।

इसके अलावा डिजिटल कृषि, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जल संरक्षण, उद्यानिकी फसलों और कृषि यंत्रीकरण के संबंध में भी किसानों को जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागीय योजनाओं, वित्तीय सहायता, विपणन सुविधाओं और कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि खेतों का संरक्षण केवल कृषि विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें किसानों और पूरे समाज की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना, जल संसाधनों का संरक्षण करना और खेती में वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना आज की जरूरत है।

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