कानपुर नगर , जुलाई 22 -- उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में पशुओं को खुरपका-मुँहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए बुधवार से विशेष टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। विकास भवन परिसर से मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने हरी झंडी दिखाकर 36 टीकाकरण टीमों को रवाना किया। ये टीमें जिले के सभी 10 विकास खंडों तथा शहरी क्षेत्रों के वार्डों में घर-घर जाकर पशुओं का पंजीकरण, टैगिंग और टीकाकरण करेंगी।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने बताया कि जनपद में अभियान के तहत 5,26,370 पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे टीकाकरण दलों का पूरा सहयोग करें तथा अपने सभी पात्र पशुओं का समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि खुरपका-मुँहपका अत्यंत संक्रामक बीमारी है और इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समयबद्ध टीकाकरण है।

उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है और प्रत्येक गांव एवं वार्ड तक टीकाकरण टीमों की पहुंच सुनिश्चित की गई है। अभियान के शुभारंभ अवसर पर अपर निदेशक (ग्रेड-2) कानपुर मंडल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुराग सिंह, संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी तथा टीकाकरण दल के सदस्य उपस्थित रहे।

अपर निदेशक (ग्रेड-2) ने बताया कि खुरपका-मुँहपका एक अत्यंत संक्रामक वायरल रोग है, जो मुख्य रूप से गाय, भैंस, बछड़े, बैल, बकरी, भेड़ और सूकर जैसे खुर वाले पशुओं को प्रभावित करता है। संक्रमित पशुओं में तेज बुखार, अत्यधिक लार गिरना, मुंह और खुरों के बीच छाले पड़ना, दूध उत्पादन में कमी तथा गर्भित पशुओं में गर्भपात जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस बीमारी से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, जिसे नियमित टीकाकरण के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुराग सिंह ने बताया कि जिन पशुओं के कानों में अभी तक टैग नहीं लगाए गए हैं, उनकी टैगिंग कराकर भारत पशुधन ऐप पर पंजीकरण किया जाएगा। इसके लिए पशुपालकों को अपना मोबाइल नंबर और ओटीपी टीकाकरण टीम को उपलब्ध कराना होगा, जिससे पशुओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सके और भविष्य में विभागीय योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिल सके।

उन्होंने बताया कि यह विशेष टीकाकरण अभियान 22 जुलाई से 8 सितंबर तक संचालित किया जाएगा। अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम पंचायतों, नगर पालिका परिषदों और नगर निगम से भी सहयोग मांगा गया है, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक अपने पशुओं का टीकाकरण कराकर उन्हें इस संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रख सकें। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता और समयबद्ध टीकाकरण के माध्यम से जनपद में खुरपका-मुँहपका रोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

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