पंचकूला , जुलाई 25 -- रेलवे ने खिलाड़ियों को बड़ी राहत देते हुए ट्रेनों में बड़े आकार और नाजुक खेल उपकरण ले जाने के नियमों में ढील दी है जिससे अब भाला (जैवलिन) सहित निर्धारित आकार से बड़े खेल उपकरण, उपलब्ध स्थान होने पर, उसी ट्रेन के लगेज वैन में प्राथमिकता के आधार पर बुक कराये जा सकेंगे।

इससे अब खिलाड़ी अलग से पार्सल भेजने की परेशानी से बच सकेंगे।

रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोनों को संशोधित व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिये हैं। यह फैसला उन खिलाड़ियों की शिकायतों के बाद लिया गया है, जिन्हें मानक आकार से बड़े खेल उपकरणों के साथ रेल यात्रा करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता था।

नयी व्यवस्था के तहत भाला और अन्य बड़े खेल उपकरण, जिन्हें सामान्य लगेज सीमा के भीतर रखना संभव नहीं है, उपलब्ध स्थान होने पर एसएलआर, एसएलआरडी और एलडब्ल्यूएलआरआरएम कोचों के लगेज हिस्से में निर्धारित मालभाड़ा देकर बुक कराये जा सकेंगे। रेलवे ने ऐसे खेल उपकरणों को प्राथमिकता से बुक करने के निर्देश दिये हैं।

रेलवे बोर्ड ने यह भी अनिवार्य किया है कि खिलाड़ी का खेल उपकरण उसी ट्रेन से भेजा जाएगा, जिससे खिलाड़ी स्वयं यात्रा कर रहा हो। इससे खिलाड़ियों को गंतव्य स्टेशन पर अपना उपकरण तुरंत मिल सकेगा और अलग से पार्सल भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

रेलवे ने खेल उपकरणों को अधिकतम वजन सीमा संबंधी प्रतिबंध से भी छूट दी है। यह छूट हालांकि तभी मिलेगी जब पार्सल सुपरवाइजर यह सत्यापित कर देगा कि बुक कराया गया सामान वास्तव में खेल उपकरण है। अन्य सभी लगेज नियम और निर्धारित मालभाड़ा पहले की तरह लागू रहेंगे।

रेलवे ने हालांकि स्पष्ट किया है कि पोल वॉल्ट में इस्तेमाल होने वाले लंबे पोल को इस व्यवस्था के तहत भी ले जाने की अनुमति नहीं होगी। रेलवे के अनुसार यह उपकरण तकनीकी कारणों से न तो लगेज वैन और न ही यात्री डिब्बों में सुरक्षित रूप से ले जाया जा सकता है।

रेलवे बोर्ड ने संशोधित निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश दिये हैं। नयी व्यवस्था से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए खेल उपकरणों के साथ रेल यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान होने की उम्मीद है।

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