भिवानी , अक्टूबर 30 -- हरियाणा के एशियन और पैरा एशियन गेम्स पदक विजेता खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी देखने को मिली। खाने के स्टॉल खुलते ही वहां मौजूद लोगों की भीड़ टूट पड़ी। कुछ ही देर में स्टॉल खाली हो गए।
स्थिति संभालने के लिए पुलिसकर्मियों को मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, कुछ विद्यार्थियों ने धूप से बचाव और पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने पर भी नाराजगी जताई।
इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खेल कैलेंडर लॉन्च किया और सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। इसके बाद एशियन और पैरा एशियन गेम्स के 128 पदक विजेता खिलाड़ियों को करीब 185 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि के चेक वितरित किए गए।
पुरस्कार राशि में शूटिंग खिलाड़ी नीरू ढांडा को सर्वाधिक 7.50 करोड़ रुपये मिले, जबकि एथलेटिक्स खिलाड़ी किरण पनहाई को 4.50 करोड़ रुपये दिए गए। शेफाली वर्मा, कमलजीत और सुरुचि सिंह सहित अन्य खिलाड़ियों को तीन-तीन करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई।
वहीं, पैरा एशियन गेम्स में दो गोल्ड मेडल जीतने वाली महेंद्रगढ़ की खिलाड़ी मोना अग्रवाल का नाम सम्मानित खिलाड़ियों की सूची में नहीं होने पर सवाल उठे। उनके पति रविंद्र कुमार ने कहा कि सरकार ने मायका राजस्थान में होने का तर्क दिया था, जबकि राजस्थान के खिलाड़ी देवेंद्र को भी सम्मानित किया जा चुका है।
पैरा तीरंदाज हरविंदर सिंह ने सम्मान राशि मिलने पर हरियाणा सरकार और खेल विभाग का आभार जताया। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी महंगा खेल है और समय पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है। वर्ष 2012 में खेल शुरू करने वाले हरविंदर तीन बार पैरा एशियन गेम्स और दो बार पैरालंपिक में पदक जीत चुके हैं।
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