सिरसा , अप्रैल 14 -- हरियाणा में खालसा स्थापना दिवस और बैसाखी का पर्व जिलेभर में श्रद्धा औरउत्साह के साथ मनाया गया। गुरुद्वारों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए, वहीं भारतीय किसान एकता बीकेई द्वारा जनता भवन रोड पर दूध और फल का लंगर लगाया गया। राहगीरों और संगत ने लंगर ग्रहण कर पर्व की खुशियां साझा कीं।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे पर्व एकता, सेवा, साहस और भाईचारे का संदेश देते हैं। किसान नेता लखविंद्र औलख ने बताया कि 1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। यह दिन सिख इतिहास और किसान वर्ग के लिए विशेष महत्व रखता है।
उन्होंने कहा कि खालसा पंथ सत्य, समानता, धर्म की रक्षा और मानवता की सेवा का प्रतीक है। बैसाखी कापर्व किसानों के लिए रबी फसल, विशेषकर गेहूं की कटाई से जुड़ी खुशहाली का प्रतीक भी है।
इस मौके पर अंग्रेज सिंह कोटली, अमरीक सिंह बाजवा, गुरजीत सिंह मान, गुरपिंदर सिंह काहलो, दिलबाग सिंह रंधावा, रिछपाल सिंह गिल, मनजीत सिंह सागू, राजेंद्र कंबोज, चरनप्रीत, राजकुमार, राजू धुंधवाल और बलविंदर सिंह और अन्य ने लंगर सेवा में सहयोग दिया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित