बंगा/अमृतसर , सितंबर 18 -- मीरी-पीरी खालसा मार्च शुक्रवार को अपने तीसरे चरण में बंगा स्थित गुरुद्वारा श्री चरणकंवल साहिब से फगवाड़ा के गुरुद्वारा श्री सुखचैनआणा साहिब के लिए रवाना हुआ।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।
मार्च की शुरुआत के अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार एवं तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि मार्च का उद्देश्य सिख समुदाय की एकजुटता का संदेश देना और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए सिखों को अपनी विरासत से मार्गदर्शन लेते हुए एकजुट रहने की जरूरत है।
ज्ञानी गड़गज्ज ने नशे की कथित खुलेआम बिक्री पर सरकार से जवाबदेही की मांग की और अभिभावकों से बच्चों को गुरबाणी तथा गुरमत से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान कई ऐसे परिवार मिले, जिनके युवा नशे की चपेट में हैं। उन्होंने इसे पंजाब की गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि नशे के खिलाफ सामाजिक स्तर पर भी प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने प्रवासी पंजाबियों से अपनी विरासत और जमीन से जुड़े रहने तथा अपनी संपत्ति नहीं बेचने की अपील की। उन्होंने सिख आबादी में कमी पर भी चिंता जताते हुए परिवारों से अधिक बच्चे पैदा करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी गुरमिंदर सिंह और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के पदाधिकारी सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। पांच प्यारों और निशानची सिंहों को सिरोपे देकर सम्मानित किया गया। विभिन्न स्थानों पर संगत ने फूलों की वर्षा कर मार्च का स्वागत किया।
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