नयी दिल्ली, मार्च 03 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के लेख का स्वागत करते हुए कहा है कि ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिकी इजरायल मिसाइल हमले में मौत के तीन दिन बीत जाने के बावजूद भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया न आना अत्यंत दुखद और चिंताजनक स्थिति है।
उन्होंने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि यह भारत की पारंपरिक मित्रता और कूटनीतिक जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्रीय स्थिरता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
डॉ. कुमार ने कहा कि ईरान और भारत के संबंध हमेशा से मित्रतापूर्ण और मजबूत रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय ऐसा भी आया था जब कश्मीर मुद्दे पर ईरान ने खुलकर भारत का समर्थन किया था। साथ ही अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मामले में भी ईरान ने संतुलित और सकारात्मक रुख अपनाया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे सहयोगपूर्ण संबंधों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार को हर महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय घटना पर स्पष्ट और समय पर प्रतिक्रिया देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति परंपरागत रूप से पड़ोसी देशों के हितों और दीर्घकालिक संबंधों को ध्यान में रखकर तय की जाती रही है। ईरान हमारे लिए एक महत्वपूर्ण पड़ोसी देश की तरह है, जिसके साथ हमारे सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आर्थिक संबंध बहुत पुराने हैं। ऐसे में इस गंभीर घटना पर भारत सरकार को अपना स्पष्ट और संतुलित रुख सामने रखना न केवल कूटनीतिक आवश्यकता है, बल्कि वैश्विक और क्षेत्रीय जिम्मेदारी भी है।
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